राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के बारे में जानें 

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 देश के 15 वें राष्ट्रपति के तौर पर मुर्मू ने यशवंत सिन्हा को हराकर, यह उपलब्धि हासिल की.

 वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बाद, द्रोपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी महिला होगी, जो राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेगी.

 मुर्मू एक गरीब परिवार से बिलॉन्ग करती है. वह आदिवासी जातीय समूह, संथाल परिवार से ताल्लुक रखती है.

मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को उड़ीसा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में हुआ था.

मुर्मू ने अपने करियर की शुरुआत एक क्लर्क के तौर पर की थी.

उन्होंने 1979 से 1983 तक सिंचाई और बिजली विभाग में जूनियर असिस्टेंट के रूप में कार्य किया.

वर्ष 1994 से 1997 तक, मुर्मू ने असिस्टेंट टीचर के रूप में काम किया.

फिर मुर्मू ने वर्ष 1997 में राजनीतिक में कदम रखा और बीजेपी पार्टी में शामिल हो गई.

मुर्मू विधायक भी रह चुकी है और वर्ष 2015 में झारखंड का राज्यपाल बनाया गया.

मुर्मू की शादी भी हो चुकी है. उन्होंने श्याम चरण मुर्मू से विवाह किया था, जिससे दो बेटे और एक बेटी हुई.

परंतु उनके जिंदगी में दुख का आलम टूट पड़ा पति के साथ दोनों बेटे भी दुनिया को छोड़ कर चले गए.

उन्होंने अपनी बेटी इतिश्री मुर्मू का विवाह अच्छे घर में करवाया और अपने लाइफ में लगातार आगे बढ़ते रही.

द्रोपदी मुर्मू 25 जुलाई को भारत के 15 वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगी.

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